
सावित्री नगर काॅलोनी तमनार में की गई चैती छठ पर सूर्य देव की आराधना

उगते सूर्य को अघ्र्य देने के बाद व्रतियों ने किया पारणा
रायगढ़। चैत माह के छठ से प्रारंभ हुए चैती छठ का समापन बुधवार की सुबह उगते हुए भगवान भुवन भास्कर को अघ्र्य देकर किया गया। सावित्री नगर काॅलोनी तमनार में भी चैती छठ की पूजा के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। जहां व्रतियों ने जल में खड़े होकर उगते सूर्य को अघ्र्य दिया।
छठ पूजा साल में दो बार की जाती है, यह पूर्जा पूर्वाचल के लोगों के लिए विशेष होती है। इस दिन का इंतजार लोगों को बेसब्री से रहता है। इस बार चैती छठ की शुरूआत रविवार को नहाए खाए के साथ हुई । शाम से व्रती महिलाओं ने उपवास प्रारंभ किया। मंगलवार की शाम को व्रति महिलाएं पूजा का सामान सूप में सजाकर तालाब पहुंचीं। यहां पर डूबते सूर्य को अघ्र्य दिया गया। इस पूजा में साफ सफाई, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है।चैती छठ के अंतिम दिन बुधवार को उगते सूर्य को अघ्र्य देने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं व उनके परिजन तालाब पहुंचे। यहां उगते हुए सूर्य को अघ्र्य देकर व्रत की पूर्णता की गई। इसके बाद लोगों ने पारणा किया।