
*घरघोड़ा में अवैध उर्वरक भंडारण का बड़ा खुलासा, विभागीय कार्यवाही पर उठे सवाल*
घरघोड़ा क्षेत्र में अवैध उर्वरक भंडारण को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, एक गोदाम में भारी मात्रा में उर्वरक का भंडारण किया गया था, लेकिन संबंधित उर्वरक का कोई वैध बिल उपलब्ध नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि उक्त गोदाम वैधानिक रूप से पंजीकृत नहीं था और अनुज्ञा प्रमाण पत्र (लाइसेंस) के नियमों को दरकिनार कर उर्वरक रखा गया था।
बताया जा रहा है कि उर्वरक भंडारण से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों और नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया गया, जो कि कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जा रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक ठोस और सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों का यह भी दावा है कि इसी नेटवर्क के जरिए कंचनपुर क्षेत्र में भी अवैध रूप से उर्वरक भंडारण किया जा रहा है। यदि यह तथ्य सही पाए जाते हैं, तो मामला और भी गंभीर हो सकता है और व्यापक स्तर पर जांच की आवश्यकता होगी।
स्थानीय लोगों और किसानों का कहना है कि अवैध उर्वरक कारोबार से न केवल बाजार व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि घटिया या अवैध उत्पाद किसानों की फसल को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी बनती है कि इस मामले में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है।
क्या कहते है जिले के अधिकारी
वहीं इस संबंध में जिले के डी डी ए अधिकारी से पूछे जाने पर देखकर बताने की बात कही तो क्या छोटे अधिकारियों की कार्यवाही से बड़े अधिकारी अनभिज्ञ रहते हैं या फिर यह मामला भी बाकी मामलों की तरह धूल फांकते नजर आयेगे