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घरघोड़ा में अवैध उर्वरक कारोबार पर उठे सवाल, कार्रवाई पर संदेह कहीं राजनीतिक दबाव तो नहीं

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घरघोड़ा में अवैध उर्वरक कारोबार पर उठे सवाल, कार्रवाई पर संदेह कहीं राजनीतिक दबाव तो नहीं

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रायगढ़ जिले के घरघोड़ा क्षेत्र में अवैध उर्वरक व्यापार को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक कार्यवाही पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हाल ही में उर्वरक निरीक्षक नगाइच द्वारा की गई कार्रवाई के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, गोयल बीज भंडार, घरघोड़ा में संचालित उर्वरक व्यापार में अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि उक्त प्रतिष्ठान में बिना वैध लाइसेंस के उर्वरकों का भंडारण एवं बिक्री लंबे समय से जारी है, लेकिन इसके बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं होने से संदेह और गहराता जा रहा है। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि इस अवैध कारोबार को कहीं न कहीं राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।
सूत्रों का यह भी दावा है कि मामले में “काम किसी और का, नाम किसी और का” जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे पूरे प्रकरण की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं कुछ लोग यह भी आरोप लगा रहे हैं कि उर्वरक निरीक्षक की कार्यवाही राजनीतिक दबाव के कारण औपचारिकता बनकर रह गई है, जबकि असली जिम्मेदारों तक कार्रवाई नहीं पहुंच पा रही है।
गोयल बीज भंडार के संचालक संजय गोयल का नाम इस पूरे मामले में सामने आ रहा है, लेकिन अब तक आधिकारिक रूप से किसी भी प्रकार की ठोस पुष्टि या कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सामने नहीं आई है।
इस मामले में यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या राजनीतिक दबाव के चलते जांच प्रभावित हो रही है या फिर कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है। यदि ऐसा है, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि किसानों के हितों के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सामने लाता है या फिर राजनीतिक दबाव में यह मामला भी अन्य मामलों की तरह समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

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