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दीपावली पर खाद्य विभाग की सक्रियता सिर्फ दिखावा या सैंपल जांच के बाद क्या हो पाएगी कार्यवाही ?

दीपावली पर खाद्य विभाग की सक्रियता सिर्फ दिखावा? सैंपल जांच के बाद नहीं होती कार्यवाही

जैसे-जैसे दीपावली नज़दीक आती है, वैसे-वैसे खाद्य विभाग भी सक्रिय हो जाता है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मिठाई एवं नमकीन की दुकानों पर विभागीय अमला छापेमारी करता है, सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। दिखने में तो यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए की जाती है, पर सवाल यह उठता है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद क्या होता है?

ज्यादातर मामलों में जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आती। न तो दोषी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई होती है और न ही जनता को बताया जाता है कि किन मिठाईयों में मिलावट पाई गई। इस वजह से यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ त्योहारों में दिखावे की औपचारिकता बनकर रह गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि “त्योहारों के समय तो विभाग सक्रिय रहता है, लेकिन बाकी दिनों में न तो निरीक्षण होता है, न ही गुणवत्ता जांच।” सवाल यह भी है कि क्या सालभर दुकानों में बिकने वाली मिठाइयां वास्तव में पौष्टिक और शुद्ध होती हैं या सिर्फ त्योहार के दिनों में ही विभाग को नागरिकों की सेहत की चिंता सताती है?

अब देखने वाली बात होगी कि इस दीपावली पर खाद्य विभाग की कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित रहती है या वास्तव में मिलावटखोरों पर शिकंजा कसा जाएगा।

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