छत्तीसगढ़तमनार

जिंदल फाउण्डेशन, जे पी एल तमनार द्वारा नवजात शिशु देखभाल सप्ताह का आयोजन अभियान गर्भवती माता व नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य सतर्कता का संदेश

जिंदल फाउण्डेशन, जेपीएल तमनार द्वारा नवजात षिषु देखभाल सप्ताह का आयोजन

अभियान गर्भवती माता व नवजात षिषुओं के स्वास्थ्य सतर्कता का संदेष


तमनार- जिंदल फाउण्डेशन, जेपीएल तमनार द्वारा अपने सामाजिक सरोकार निर्वहन अंतर्गत तमनार क्षेत्र में दिनांक 15 से 21 नवम्बर 2025 तक नवजात षिषु देखभाल सप्ताह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तमनार क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों बासनपाली, कोड़केल, तमनार, बेलजोर, छर्राटांगर एवं ग्राम रोड़ोपाली में नवजात षिषुओ के समुचित देखभाल पर आधारित परिचर्चा, प्रष्नमंच, गोष्ठी व जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इसी कड़ी में आज ग्राम रोड़ोपाली में आगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्व सहायता समूह की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी में ग्राम में गर्भवती महिलाओं एवं जन्म से 02 वर्ष तक के बच्चों की माताओं से परिचर्चा कर उन्हें गर्भधारण से पहले एवं दो साल तक बच्चों की पूरी देखभाल के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान स्वास्थ्य संगिनियों द्वारा 168 माताओं को जागरूक किया गया। माह नवम्बर में वात्सल्य परियोजना अंतर्गत 62 नवजात षिषुओं की माताओं को काउंसलिंग और पूरी देखभाल की सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की गई। वहीं षिषु स्वास्थ्य के बारे प्रष्नमंच आयोजित कर प्रतिभागी माताओं को सम्मानित किया गया।
बच्चों के इस विषेष देखभाल सप्ताह के दौरान गर्भवती महिलाओं से परिचर्चा करते हुए सुश्री नीतू सारस्वत ने कहा कि यह कार्यक्रम अत्यधिक महत्वपूर्ण व आवश्यक है, क्योंकि क्षेत्र में स्वस्थ माता, स्वस्थ षिषु जिंदल फाउण्डेषन का लक्ष्य है।
वहीं अपने प्रेषित संदेष में श्री ऋषिकेष षर्मा, विभागाध्यक्ष, सीएसआर जेपीएल तमनार ने कहा कि नवजात षिषु देखभाल सप्ताह का आयोजन स्वस्थ माता, स्वस्थ षिषु एवं स्वस्थ समाज की परिकल्पना को स्थापित करने का लक्ष्य है। इसे महज जन जागरूकता कार्यक्रम न समझे वरन इस अभियान को सफल बनाने व सभी को एकजुटता प्रदर्षित कर अभियान को पूर्ण सफल बनाने का दिन है।
इस दौरान उन्होनें वात्सल्य परियोजना के स्वास्थ्य संगिनियों द्वारा समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता को हानिकारक बताते हुए सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं से लाभान्वित होने का आग्रह भी किया। इस बीच कार्यक्रम को लेकर स्व सहायता समूह के महिलाओं व बच्चों में उत्साह देखा गया। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में टीम सीएसआर के सभी सदस्यों का योगदान महत्वपूर्ण रहा।

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