
साल की लकड़ी की तस्करी पर बड़ा खुलासा — राजस्व विभाग की लापरवाही उजागर, वन विभाग की तत्परता से बची जंगल संपदा

रायगढ़। जिले के सराईपाली ग्राम पंचायत क्षेत्र में साल की लकड़ी की अवैध तस्करी का मामला एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर गया है। बताया जा रहा है कि राजस्व भूमि पर खुलेआम लकड़ी तस्कर दिनदहाड़े साल के पेड़ों की कटाई कर डंपिंग किए थे, जबकि राजस्व विभाग के अधिकारी आंख मूंदे बैठे रहे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबार फल-फूल रहा था। तस्करों ने राजस्व भूमि को सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करते हुए बड़ी मात्रा में लकड़ी एकत्र कर रखी थी। जैसे ही वन विभाग को इसकी भनक लगी, टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की और समस्त लकड़ी को जप्त कर डिपो भेज दिया।
हालांकि वन विभाग की कार्रवाई के दौरान तस्कर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। फिलहाल विभाग ने मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग की उदासीनता और मिलीभगत के चलते ही ऐसे अवैध कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है। अगर समय रहते प्रशासन सक्रिय होता, तो वन संपदा की यह लूट इतनी बड़ी नहीं होती।
यह घटना न केवल विभागीय लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रशासनिक ढिलाई के चलते जंगल और पर्यावरण लगातार खतरे में हैं।
👉 मुख्य तथ्य:
सराईपाली ग्राम पंचायत की राजस्व भूमि पर साल की लकड़ी की तस्करी का खुलासा
राजस्व विभाग की लापरवाही से तस्करों के हौसले बुलंद
वन विभाग की तत्परता से लकड़ी जप्त कर डिपो भेजी गई
मुख्य आरोपी अब भी फरार, जांच जारी