
बजट घोषणा के 2 साल बाद भी सड़क अधूरी: जिला पंचायत सभापति गोपाल अग्रवाल ने PWD से मांगी जानकारी
रायगढ़ | 11 फरवरी 2026
रायगढ़ जिला पंचायत के सहकारिता एवं उद्योग समिति के सभापति श्री गोपाल अग्रवाल ने क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क परियोजना “लाखा–गेरवानी–चिराईपानी–पाली–देलारी मार्ग” के निर्माण में हो रहे अत्यधिक विलंब पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। श्री अग्रवाल ने विभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) को पत्र जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है कि बजट में घोषणा के 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क का काम धरातल पर क्यों नहीं दिख रहा है।
जनता की निराशा और विभागीय सुस्ती पर सवाल
सभापति गोपाल अग्रवाल ने जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि यह मार्ग औद्योगिक आवागमन और ग्रामीणों के दैनिक जीवन के लिए जीवन रेखा के समान है। बजट घोषणा के 2 वर्ष बाद भी कार्य की प्रगति शून्य या अत्यंत धीमी होना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने विभाग से पूछा है कि पिछले 2 वर्षों में सर्वेक्षण, डीपीआर और तकनीकी स्वीकृति के चरणों में कितना समय लगा और इस देरी के लिए कौन सा अधिकारी जिम्मेदार है।
व्यक्तिगत जवाबदेही तय करने की चेतावनी
श्री अग्रवाल ने केवल कार्य की स्थिति ही नहीं पूछी, बल्कि विभाग से उन अधिकारियों के नाम भी मांगे हैं जिनकी जवाबदेही इस विलंब के लिए तय की गई है। उन्होंने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर संतोषजनक और दस्तावेजी जानकारी प्राप्त नहीं होती है, तो समिति द्वारा इस मामले को सीधे शासन और विभागीय मंत्री के समक्ष उठाकर अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की जाएगी।
इन 6 बिंदुओं पर मांगा जवाब:
पिछले 2 साल की कार्यवाही का तिथि-वार विवरण।
निर्माण में देरी के वास्तविक कारण (भू-अर्जन या प्रशासनिक)।
बजट आबंटन और खर्च की गई राशि का ब्यौरा।
निविदा प्रक्रिया और ठेकेदार को दिए गए कार्यादेश की स्थिति।
भारी वाहनों के दबाव हेतु सड़क के तकनीकी डिजाइन (Axle Load) के मानक।
विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारी पर की गई कार्यवाही।
जनहित में जारी रहेगी समीक्षा
सभापति श्री गोपाल अग्रवाल ने कहा कि “विकास कार्यों में लेटलतीफी और जनता के पैसे का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लाखा-पाली मार्ग क्षेत्र के विकास के लिए अनिवार्य है और विभाग को इसकी एक-एक दिन की देरी का हिसाब देना होगा।” इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्य अभियंता (रायपुर) और कलेक्टर रायगढ़ को भी भेजी गई है ताकि मामले में उच्च स्तरीय हस्तक्षेप सुनिश्चित हो सके।