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डीएमएफ से सजेगी सड़कें, दूरस्थ अंचलों में विकास की नई इबारत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच से उत्खनन प्रभावित क्षेत्रों में ‘संपर्क क्रांति पर्व’ का शुभारंभ सात सड़कों की स्वीकृति से बदलेगी ग्रामीण तस्वीर, शिक्षा-स्वास्थ्य-आजीविका को मिलेगी नई दिशा

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डीएमएफ से सजेगी सड़कें, दूरस्थ अंचलों में विकास की नई इबारत

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच से उत्खनन प्रभावित क्षेत्रों में ‘संपर्क क्रांति पर्व’ का शुभारंभ

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सात सड़कों की स्वीकृति से बदलेगी ग्रामीण तस्वीर, शिक्षा-स्वास्थ्य-आजीविका को मिलेगी नई दिशा


रायगढ़, 10 जनवरी 2026।
छत्तीसगढ़ शासन की जनहितैषी, संवेदनशील एवं दूरदर्शी नीति के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के दूरस्थ, दुर्गम एवं उत्खनन प्रभावित अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प धरातल पर साकार हो रहा है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से ग्रामीण सड़क निर्माण को स्वीकृति प्रदान कर शासन ने जिले में एक नई ‘संपर्क क्रांति’ का सूत्रपात किया है।

जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज संस्थान न्याय निधि से वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले के सुदूर वनांचल एवं मैदानी क्षेत्रों लैलूंगा, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, तमनार एवं खरसिया विकासखंडों में कुल 7 ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपए से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। डीएमएफ मद से स्वीकृत इन सड़कों की कुल लंबाई 23.10 किलोमीटर है। यह पहल केवल भौतिक अधोसंरचना के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण जीवन में स्थायी सामाजिक और आर्थिक बदलाव की मजबूत नींव रख रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि उत्खनन से प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफ जैसी योजनाओं के माध्यम से आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इन सड़कों के निर्माण से वे गांव जुड़ेंगे, जो वर्षों से आवागमन की कठिनाइयों के कारण विकास से वंचित रहे हैं। सड़कों का विस्तार अब ग्रामीण अंचलों में प्रगति, अवसर और आशा का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
स्वीकृत योजनाओं के अंतर्गत लैलूंगा विकासखंड में गहनाझरिया (सुकवासुपारा) से लभनीपारा तक 3.60 किलोमीटर लंबी सड़क का अर्थवर्क कार्य प्रगतिरत है। घरघोड़ा विकासखंड में तुमीडीह से छर्राटांगर तक 4.30 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए साफ-सफाई एवं सेटिंग आउट कार्य प्रारंभ हो चुका है। धरमजयगढ़ विकासखंड में ससकोबा मेन रोड से पाराघाटी तक तथा सेमीपाली से क्रोन्धा तक 4-4 किलोमीटर लंबी सड़कों पर जीएसबी, सीसी सहित अन्य निर्माण कार्य जारी हैं। तमनार विकासखंड में अमलीढोढ़ा पीएमजीएसवाय रोड से समकेरा-गौरबहरी तक 3.60 किलोमीटर तथा पतरापाली से बरकसपाली तक 1.60 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। वहीं खरसिया विकासखंड में खड़गांव से गोरपार बस्ती तक 2 किलोमीटर सड़क निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है।
इन सड़कों के पूर्ण होने से संबंधित बसाहटों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। किसानों को अपनी उपज मंडियों तक सहज पहुंच प्राप्त होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। बच्चों के लिए विद्यालय तक पहुंच आसान होगी, गर्भवती महिलाओं एवं मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी और आपातकालीन सेवाएं अधिक सुदृढ़ होंगी। बेहतर सड़क संपर्क से आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा जिले के दूरस्थ अंचलों में जीवन स्तर में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन दिखाई देगा।

निश्चित रूप से डीएमएफ मद से हो रहा यह सड़क निर्माण मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विकासोन्मुख, संवेदनशील और समावेशी शासन व्यवस्था का सशक्त उदाहरण है, जो रायगढ़ जिले में संपर्क क्रांति पर्व के रूप में एक नई विकास गाथा लिख रहा।

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