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भारतीय सेना लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी-कलेक्टर भूतपूर्व सैनिक राष्ट्र की अमूल्य धरोहर, प्रशासन हर सहयोग को तत्पर 10 वें सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस मनाया गया

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भारतीय सेना लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी-कलेक्टर

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भूतपूर्व सैनिक राष्ट्र की अमूल्य धरोहर, प्रशासन हर सहयोग को तत्पर

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10 वें सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस मनाया गया


रायगढ़, 14 जनवरी 2026। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में 10वां सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस पूरे सम्मान, गौरव और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस हमारे लिए सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के प्रति आदर व्यक्त करने के लिए एक अवसर है। इस दौरान शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी के पिता श्री सुभाष त्रिपाठी एवं माता श्रीमती आशा त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने भारतीय सशस्त्र बलों की गरिमा, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत का प्रत्येक नागरिक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सेना से जुड़ा हुआ है। भारतीय सेना, चाहे वह थलसेना, वायुसेना, नौसेना, तटरक्षक बल अथवा केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल हों, सभी ने सदैव अद्वितीय नैतिकता, अनुकरणीय प्रतिबद्धता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की परंपरा का निर्वहन किया है।
कलेक्टर ने कहा कि विश्व के अनेक देशों में सैन्य शक्ति और लोकतंत्र के बीच टकराव देखने को मिलता है, लेकिन भारत में सेना पूरी तरह से लोकतांत्रिक ढांचे के अंतर्गत कार्य करती है, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अनुभव साझा करते हुए सीमा क्षेत्रों में तैनाती, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सैनिकों की सतर्कता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात भारतीय सैनिक हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं और उनकी सजगता ही भारत की सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है।
कलेक्टर ने युवाओं और एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना सदैव युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है और देश का हर युवा कभी न कभी सेना में जाने का सपना देखता है। कलेक्टर ने भूतपूर्व सैनिकों, उनके परिवारजनों और सैनिक विधवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन उनके सम्मान, कल्याण और किसी भी आवश्यक सहायता के लिए सदैव तत्पर है।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमाण्डर हरीशचन्द्र तिवारी (से.नि.) ने बताया कि सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस प्रति वर्ष 14 जनवरी को भारतीय सशस्त्र सेनाओं (थल सेना, वायु सेना, नौसेना)के जो जवान सरहद व दूर-दराज क्षेत्रों में मातृ-भूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए है, उनके पुण्य स्मरण करने एवं उनके सम्मान में भारतीय थल सेना के प्रथम थल सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल के.एम.करियप्पा के सेवानिवृत्ति दिवस (14 जनवरी 1953) पर मनाया जाता है।
समारोह में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एनसीसी के कमाण्डिग ऑफिसर कर्नल प्रवीण तेवतिया तथा रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भूतपूर्व सैनिक, एनसीसी कैडेट्स एवं आईसीआईसीआई बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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