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एनजीटी के नियमों की अनदेखी: कंपनियों के वेस्ट निस्तारण पर शासन-प्रशासन मौन

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एनजीटी के नियमों की अनदेखी: कंपनियों के वेस्ट निस्तारण पर शासन-प्रशासन मौन

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रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत सराईपाली क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त पर्यावरणीय नियमों के बावजूद कई कंपनियां खुलेआम प्रदूषण फैलाने में लगी हुई हैं। उद्योगों से निकलने वाले हानिकारक वेस्ट पदार्थों का सही ढंग से निस्तारण न होने के कारण पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन इस मामले पर मौन साधे हुए है।

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स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में कई कंपनियां बिना उचित ट्रीटमेंट के रासायनिक और अन्य खतरनाक अपशिष्ट जलाशयों, नदियों और खुले स्थानों में छोड़ रही हैं, जिससे जल और वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। इससे आसपास के गांवों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

पर्यावरणविदों के अनुसार, NGT के नियमों के अनुसार कंपनियों को अपने वेस्ट मैटेरियल के निस्तारण के लिए उचित ट्रीटमेंट प्लांट लगाने अनिवार्य हैं, लेकिन कई उद्योग इन नियमों का पालन नहीं कर रहे। प्रशासन को बार-बार शिकायतें देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों ने इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि लापरवाह कंपनियों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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