
’लिटिल एंजेल सेंटर’’ नौनिहालों के लिए अंग्रेजी माध्यम शिक्षा का नवीन विकल्प
*जिंदल फाउण्डेेशन, जेपीएल तमनार की शिक्षा के क्षेत्र में अनुठी पहल*
ऽ ग्रामीण 2.5 से 4 वर्ष के नौनिहालों को खेल खेल में व्यावहारिक एवं प्रारंभिक ज्ञान उपलब्ध कराना लक्ष्य
ऽ सेंटर से 935 बच्चों ने सफलतापूर्वक प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण कर अग्रणी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में अध्ययनरत
तमनार- जिंदल फाउण्डेशन, जेपीएल तमनार द्वारा वर्तमान समय की मांग व आधुनिक शिक्षा के व्यवसायीकरण एवं क्षेत्रीय नौनिहाल बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में आधारभूत प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विकासखण्ड तमनार के 09 विभिन्न ग्रामों में अंग्रेजी माध्यम का प्ले स्कूल ’’लिटिल एंजेल सेंटर’’ का संचालन किया जा रहा है। जिसमें अध्ययन पश्चात निखरे सुलझे, मजबुत बुनियाद व दक्षता के साथ शताधिक छोटे छोटे ग्रामीण नौनिहाल बच्चे शहरों में स्थापित अंग्रेजी माध्यम के नामित विद्यालयों में दाखिला लेने में सफल हो रहे हैं। वर्तमान में विकासखण्ड तमनार के डोलेसरा, सलिहॉभाठा, कुंजेमुरा, लिबरा, टपरंगा, आमगांव, बुड़िया, कचकोबा एवं ग्राम छर्राटांगर में 09 ’’लिटिल एंजेल सेंटर’’ का संचालन किया जा रहा है। जिसमें 245 नन्हें मुन्नें बच्चे विद्यार्जन कर अपने और अपने माता पिता का नाम रोशन करने के लिए तत्पर हैं। सत्र 2011 से प्रारंभ इन केन्द्रों में अब तक 1470 बच्चों ने दाखिला लिया, जिसमें से 935 बच्चों ने सफलतापूर्वक प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण कर जिला एवं जिले से बाहर के विभिन्न नामचिन अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में दखिला लिया है।
इन प्ले संेटर की मूल अवधारणा ग्रामीण क्षेत्र में छोटे बच्चों के लिये शहरों की तर्ज पर शिक्षा का वातावरण तैयार करना, जहॉ पर आस पास के 2.5 से 4 साल के 20-30 बच्चों को जाने पहचाने वातावरण एवं विशेषज्ञ शिक्षक/शिक्षिका के देख रेख में 02-03 घंटे के समय अंतराल में प्रारंभिक व व्यावहारिक आवश्यक ज्ञान अर्जित करना है। इस शिक्षा पद्धति की दूसरी अवधारणा यह है कि स्थानीय बच्चों को प्रारंभिक व आवश्यक अंग्रेजी ज्ञान उपलब्ध कराना, जिससे कि बच्चे विभिन्न अंग्रेजी/हिंदी माध्यम के स्तरीय विद्यालयों में आयोजित होने वाले प्रवेश परीक्षाओं में सफलता/दाखिला प्राप्त कर सकें। इस पद्धति का उद्देश्य पढ़ने और लिखने की तरह शैक्षिक कौशल का विकास नहीं है, वरन खेल खेल में व्यावहारिक एवं प्रारंभिक जानकारी से अवगत होना है।
उल्लेखनीय है कि संस्थान के निकटस्थ ग्रामों में ’’लिटिल एंजेल सेंटर’’ का संचालन पूर्व स्कूल शिक्षा को स्वयंशासी बनाने और इसके बेहतर संचालन के लिए संबंधित ग्राम की एक प्रबंधन समिति गठन कर इन सेंटर को संचालित करने के लिए जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। इस समिति में ग्राम सरपंच, सक्रिय प्रबुद्ध नागरिक एवं महिलाओं को मिलाकर 10 सदस्य सम्मिलित है। जिनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सचिव का चयन किया गया है। समिति की माह में एक बार अनिवार्यतः बैठक किया जाता है। जिसमें संस्थान के मासिक गतिविधियों की समीक्षा की जाती है।
बच्चों में संस्थान के प्रति स्वामित्व लाने के लिए दाखिला शुल्क 300 रूपये एवं आंशिक सहयोग राशि प्रति माह 100 रूपये जमा किया जाता है। बच्चों द्वारा जमा सहयोग राशि की व्यवस्थित रख रखाव व देखरेख के लिए समिति के नाम से बैंक में बचत खाता खोला गया है। वित्तीय संचालन एवं लेखा संधारण के लिए प्रबंधन समिति में से एक अलग समिति बनाई गई है। इस बचत खाता का प्राधिकृत हस्ताक्षरी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सचिव को नामित किया गया है। बच्चों को प्रदत्त शुल्क के बदले में रसीद प्रदान किया जाता है, जिसमें उनके द्वारा प्रदत्त शुल्क विवरण अंकित होती है।
प्ले स्कूल संचालन के विषय श्री ऋषिकेश शर्मा, विभागाध्यक्ष, सीएसआर जेपीएल तमनार कहते हैं-’लिटिल एंजेल सेंटर’, प्ले स्कूल आधुनिक शिक्षा पद्धति के साथ साथ सांस्कृतिक, शारीरिक एवं बौद्धिक विकास का एक सशक्त माध्यम है। जहॉ ग्रामीण परिवेश में अपने परिचितों के मध्य, प्रशिक्षित शिक्षिकाओं के सानिध्य में नौनिहाल बालक अपने शिक्षा की नींव रख अपने उज्जवल भविष्य निर्माण हेतु प्रयास करता है। वहीं अभिभावकों का कहना है कि इस सेंटर संचालन से क्षेत्र के जरूरतमंद ग्रामीण बच्चों को शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक एवं आवश्यक शिक्षा उपलब्ध हो रही है।
गौरतलब हो कि संस्थान द्वारा संचालित इन प्ले स्कूल में आवश्यक संसाधन की उपलब्धता जैसे फर्नीचर, संसाधन व्यक्ति, डेस्क बेंच, टेबल कुर्सी, पंखा, स्वच्छ पानी के लिए फिल्टर, अध्ययन सामग्री, आलमारी, खेलकुद एवं सजावटी सामग्री के साथ अध्ययन भ्रमण आदि की व्यवस्था जिंदल फाउण्डेशन, जेपीएल तमनार द्वारा की जाती है। वहीं गणवेष व अध्ययापन सामग्री की आंशिक राशि बच्चों द्वारा जमा की जाती है। आज जिंदल फाउण्डेशन, जेपीएल तमनार द्वार संचालित अंग्रेजी माध्यम की ये प्ले सेंटर क्षेत्र के नौनिहाल बच्चों के लिए शिक्षा का एक बेहतर विकल्प के रूप में स्थापित हो चुकी है। जहॉ से प्रारंभिक एवं आधारभूत शिक्षा प्राप्त कर ये बच्चे आगे की पढ़ाई के लिए मजबुती से तैयार हो रहे हैं।